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मिशन

आयोग की थोक विद्युत बाजारों में प्रतिस्पर्धा, कार्यकुशलता और मितव्ययिता को बढ़ावा देने, सप्लाई की गुणवत्ता में सुधार करने, मांग आपूर्ति के अंतर, जिससे ग्राहकों के हितों का सम्पोषण हो, को पाटने के लिए संस्थागत बाधाओं को दूर करने के संबंध में सरकार को सलाह देने की योजना है। इन उद्देश्यों के अनुसरण में, आयोग का उद्देश्य :

  • भारतीय विद्युत ग्रिड संहिता, उपलब्धता आधारित टैरिफ (एबीटी) के माध्यम से क्षेत्रीय पारेषण प्रणालियों के प्रचालन और प्रबंधन में सुधार करना

  • एक कारगर टैरिफ निर्धारण तंत्र को तैयार करना जिससे थोक विद्युत और पारेषण सेवाओं की कीमत के संबंध में मितव्ययिता और कार्यकुशलता और न्यूनतम लागत पर निवेश सुनिश्चित होगा

  • अंतर-राज्यिक पारेषण में निर्बाध पहुंच को सुकर बनाना,

  • अंतर-राज्यिक व्यापार को सुकर बनाने के लिए एक बाजार संरचना के सृजन द्वारा विद्युत बाजार के विकास को प्रोत्साहन देना

  • सभी पणधारियों के लिए जानकारी देने में सुधार

  • थोक ऊर्जा तथा पारेषण सेवाओं में प्रतिस्पर्धात्मक बाजार के विकास के लिए अपेक्षित तकनीकी तथा संस्थानिक परिवर्तनों को सुकर बनाना

  • प्रतिस्पर्धात्मक बाजारों के सृजन के प्रथम उपाय के रूप में, पर्यावरणीय, सुरक्षा तथा विद्यमान विधायी अपेक्षाओं की सीमा के भीतर पूंजी तथा प्रबंधन के लिए प्रवेश तथा निकासी की बाधाओं के संबंध में सलाह देना