cerc-logo

श्री ए एस बख्शी
सदस्य
(5 अगस्त 2014 से पदासीन हैं)

Shri A.S. Bakshi

  श्री ए.एस.बख्शी, मैकेनिकल इंजिनियर व एमबीए का विद्युत क्षेत्र में 39 वर्षों से अधिक का कुल अनुभव रहा है। श्री बख्शी ने वर्ष 1974 में बदरपुर थर्मल पावर स्टेशन (नई दिल्ली) में अपना कैरियर आरंभ किया जबकि प्रोजेक्ट अभी निर्माणाधीन था। उन्होंने वर्ष 1974 की इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की और उन्हें केन्द्रीय विद्युत इंजीनियरिंग सेवा (सीपीईएस) का कार्य सौंपा गया। उन्होंने वर्ष 1975 में केन्द्रीय जल एवं विद्युत आयोग में कार्यभार ग्रहण किया और दोबारा बदरपुर थर्मल पावर स्टेशन में तैनात किए गए। उन्होंने दक्षता कक्ष में तैनाती से पूर्व 4 वर्ष से अधिक की अवधि के लिए संयंत्र के प्रचालनों में कार्य किया। श्री बख्शी ने 1997 में संयंत्र में दक्षता आडिट की अवधारणा को आरंभ किया जब थर्मल संयंत्रों के दक्षता परीक्षण अपेक्षाकृत अपरीचित थे। उन्होंने इस विद्युत संयंत्र में बीएचईएल की कई आरएंडडी परियोजनाओं में भागीदारी भी की।

  In 1979,वर्ष 1979 में श्री बख्शी को भारत सरकार द्वारा विदेश कार्य पर जल एवं विद्युत विभाग, आबूधाबी सरकार के लिए प्रतिनियुक्त किया गया। श्री बख्शी ने अपने परिरक्षण विभाग में उम अल नार(पश्चिम) विद्युत संयंत्र में कार्य किया। इस संयंत्र में 6 आयल फायर्ड विद्युत उत्पादनकारी यूनिट और 6 डिसेलीनेशन संयंत्र हैं। वर्ष 1984 में आबूधाबी से प्रत्यावर्तन पर श्री बख्शी ने अपने मूल विभाग केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण में कार्यभार ग्रहण किया जहां उन्होंने विद्युत संयंत्रों तथा थर्मल संयंत्रों की ऊर्जा आडिट के आरएंडएम में विभिन्न क्षमताओं में कार्य किया। वर्ष 2002 में उन्हें सीईए का निदेशक (प्रशासन) बनाया गया और वर्ष 2004 में उन्हें मुख्य अभियंता के रूप में पदोन्नत किया गया और योजना विंग में तैनात किया गया - मुख्य इंजीनियर के रूप में वे समग्र रूप से देश के लिए उत्पादनकारी योजना के लिए उत्तरदायी थे। वे वर्ष 2007 और वर्ष 2011 में राष्ट्रीय विद्युत योजनाओं को सामने लाने में प्रेरक रहे। वे 12वीं योजना के लिए विद्युत में कार्यकारी समूह के सदस्य सचिव भी थे जब वे सदस्य (योजना), सीईए थे। वे सदस्य (हाइड्रो) और सदस्य (जीएंडओडी), सीईए भी रहे।

वे केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के अध्यक्ष पद पर रहे और जुलाई 2011 में भारत सरकार के पदेन सचिव भी रहे। वे उत्पादनकारी योजना, पारेषण योजना और समग्र रूप से देश के लिए भार पूर्वानुमान के लिए भी उत्तरदायी रहे। उन्होंने हाइड्रो परियोजनाओं को सहमति प्रदान करने के लिए समिति की अध्यक्षता की। वे इस अवधि के दौरान अध्यक्ष, सीबीआईपी और अध्यक्ष ईईसी भी रहे। श्री बख्शी 2011 से 2013 की अवधि के दौरान कई समितियों के सदस्य या अध्यक्ष रहे जिसमें कुछ नीचे दी गई है-

1.  30 जुलाई 2012 को उत्तरी क्षेत्र में 31 जुलाई 2012 को उत्तरी, पूर्वी तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र में ग्रिड व्यवधान पर विद्युत मंत्रालय द्वारा गठित जांच समिति के अध्यक्ष।
2.   विद्युत अधिनियम 2003 में प्रस्तावित संशोधनों पर सिफारिश और परीक्षण के लिए विद्युत मंत्रालय द्वारा गठित समिति के अध्यक्ष।
3.   18वीं विद्युत ऊर्जा सर्वेक्षण समिति के अध्यक्ष।
4.   विद्युत क्षेत्र में निजी निवेश पर विद्युत मंत्रालय द्वारा गठित समिति के अध्यक्ष।
5.   उत्तराखंड में लोहारीनाग पाला हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट(600 मेगावाट) के संबंध में स्थायी सुरक्षा उपायों का सुझाव देने के लिए विद्युत मंत्रालय द्वारा गठित समिति के अध्यक्ष।
6.   इंडिया स्मार्ट ग्रिड टास्क फोर्स के अंतर्गत वितरित उत्पादन और नवीकरणीय के संबंध में कार्यकारी समूह के अध्यक्ष।
7.   12वीं योजना के दौरान ग्रिड में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से विद्युत के समेकन के लिए विद्युत मंत्रालय द्वारा गठित कार्यदल के अध्यक्ष।
8.   रन आफ रिवर योजना के लिए स्टोरेज योजना के संपरिवर्तन पर राज्य सरकार तथा सीईए, सीडब्ल्यूसी, एमओईएफ की स्थायी तकनीक समिति के अध्यक्ष।
9.   गैस इन्सुलेटिट सबस्टेशन के व्यापक प्रयोग के लिए समिति के अध्यक्ष।
10.  विद्युत कमी के परिदृश्य में स्ट्रेंडिंग उत्पादन क्षमता के कारणों की जांच के लिए समिति के अध्यक्ष।
11.  सिंगल चिप लो कास्ट स्माल मीटर के लिए कार्यात्मक विनिर्देशनों की समीक्षा के लिए विद्युत मंत्रालय द्वारा गठित समिति के अध्यक्ष।
12.  राज्य वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की वित्तीय पुनर्संरचना के लिए सचिव(विद्युत) की अध्यक्षता में समिति के सदस्य।
13.  सदस्य(ऊर्जा) योजना आयोग की अध्यक्षता में 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) के लिए ऊर्जा क्षेत्र पर स्थायी समिति के सदस्य।
14.  जल संसाधन पर भारत-नेपाल संयुक्त मंत्रीवर्गीय आयोग के सदस्य।
15.  पुन-संरचित वृद्धिशील विद्युत विकास और सुधार कार्यक्रम(आर-एपीडीआरपी) के लिए सचिव(विद्युत) की अध्यक्षता में स्थायी समिति के सदस्य।
16.  12वीं योजना के दौरान विद्युत क्षेत्र के विकास के लिए कार्यक्रम तैयार करने हेतु विद्युत पर कार्यकारी समूह के सदस्य।
17.  17. राष्ट्रीय विद्युत निधि की स्थायी समिति के सदस्य।
18.  सदस्य (ऊर्जा) योजना आयोग की अध्यक्षता में गंगा नदी से संबंधित मुद्दों पर अंत- मंत्रीवर्गीय समूह के सदस्य।
19.  विद्युत केन्द्रीय मंत्री की अध्यक्षता में हाइड्रो विद्युत विकास पर कार्यदल में स्थायी रूप से आमंत्रित।

कई महत्वपूर्ण रिपोर्टों को अध्यक्ष सीईए के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान अंतिम रूप दिया गया जिसमें 17वीं विद्युत ऊर्जा संर्वेक्षण, सुपर अतिविवेचनीय यूनिटों के लिए मानव विनिर्देशन, 2011-12 की सामान्य समीक्षा, कार्बनडाईआक्साइड बेस लाइन डाटा, विद्युत क्षेत्र से सीटीसी को हटाना, 12वीं पंचवर्षीय योजना के लिए मुख्य इनपुट आदि शामिल हैं।

श्री बख्शी ने केन्द्रीय विद्युत विनियामक आयोग में 5 अगस्त 2014 को सदस्य के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।

***